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इस बार सभी कलमकार हैं तैयार

 मोदी जी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेनेवाले हैं, देश के समस्त कलमकार भी तैयार हैं जी, वो अपने भाई मोदी जी हर साक्षात्कार में पत्रकारों को डांटते रहे की आप लोग बिना रिसर्च के सवाल क्यों पूछते हैं?, जाइये जाकर डेटा सर्च कीजिये थोड़ा और अध्ययन कीजिये आपको अपने हर सवाल का जवाब मिल जायेगा। तो इस बार सारे पत्रकार बंधुवर केवल मोदीजी के ही रिसर्च में जुटे हैं, जिससे अगले इंटरव्यू में तगड़ी फटकार ना सुननी पड़े. और साथ ही अबकी बार प्रधानमंत्री उन सवालों के जवाब देने से ना बच सके जिन सवालों से भाजपा का प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी बच गया था। अपने दोनों हाथ हवा में उठा कर हलकी मुस्कराहट के साथ ये कहना की "मैंने कब मना किया है जी, आपके हर सवाल का जवाब मैंने दिया है और आगे भी दूंगा..." और फिर बड़ी चतुराई से सवाल पूछने वाले की बुद्धि को ये कह कर चुनौती देना की "आप होमवर्क करके आइये फिर सवाल पूछिये " भाई श्री मोदीजी की ये अदा भी हम पत्रकारों के लिए कम लुभावनी नहीं है. सालों बाद कोई मिला है जो पत्रकारों से छेड़छाड़ करने में विश्वास रखता है उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा सवाल पूछने के लिए उकसाता है, पत्रकारों को अपने जीवन में झाँकने के लिए कहता है… इसी बहाने शायद वास्तविक पत्रकारिता को दरकिनार कर चुके अपने पत्रकार मित्र सरकारी दलाली छोड़ के असली ठेंठ कलमबंद पत्रकारिता में वापसी करेंगे, कलम का जादू उन भटके युवा पत्रकारों को दिखेगा जो कैमरा और माईक में पत्रकारिता ढूंढ रहे हैं. प्रेस बेचारी करे तो क्या करे... वो ज़िम्मेदार और जवाबदेह लीडर अब कहाँ? जो जनता से बात करना चाहे आम लोगों के सवालों का स्वयं उत्तर देना अपना प्रथम कर्त्तव्य माने, अर्से बाद कोई आया है जो मीडिया को मुसीबत नहीं माध्यम मानता है और हम भला मुसीबत थे ही कब? पुलिस तो सिर्फ चोरों के लिए मुसीबत होती है, सज्जन इसे सुरक्षा सहायता मानते हैं. तो अबकी बार पत्रकार भी हैं तैयार, बने तो बनती रहे सरकार जिस तरह घोटालों को सामने लाकर लोगों को इस बार चुनावों से पहले जगाया है... ऐसे ही सरकार के सद्कर्मों को भी अगले चुनावों तक जनता को परोसते रहेंगे लोकतंत्र का संतुलन बना रहेगा आखिर चौथा स्तम्भ हम ही तो हैं.

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